गर्भावस्था के समय यह संभव है की एक महिला को छोटी-बड़ी समस्याओं का सामना करना पढ़ सकता है | और आज हम यूटेराइन फाइब्रॉयड के बारे में बात कर रहे है | इस समस्या ...
गर्भावस्था के समय यह संभव है की एक महिला को छोटी-बड़ी समस्याओं का सामना करना पढ़ सकता है | और आज हम यूटेराइन फाइब्रॉयड के बारे में बात कर रहे है | इस समस्या की दर लगभग 0.5% महिलयों में देखी जा सकती है | इसकी वजह से गर्बावयस्था में कुछ मुश्किलें हो सकती है जैसे की पेट में अधिक दर्द मेहसूस होना | इस स्थिति में आपको IVF Centre in Punjab में जाकर डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए की आपको कोनसी ट्रीटमेंट करवाने की आवश्यकता है | यदि आप एक अनुभवी डॉक्टर को ढूंढ रहे है तो आप हमारे infertility clinic in ludhiana में आएँ और अच्छी तरह से जान लें की आपको क्या करना होगा |
प्रेगनेंसी में गर्भाशय में रसौली क्या होती है?
कुछ महिलाओं में इस समस्या में बच्चेदानी की दीवार में गाँठ बन जाती है जिसको की रसौली (garbhashay me rasauli) या यूूटेराइन फाइब्रॉयड कहते है | यह समभाव है की रसोली एक से अधिक भी हो और इसका आकर अंगूर या सेब के बीज जितना हो सकता है | अगर इसके बढ़ने की बात करें तो यह ट्यूमर की तरह बढ़ता है | हलाकि इसकी वजह से कैंसर का खतरा नहीं होता है | इसमें एस्ट्रोजेन हार्मोन बढ़ने लग जाता है |
प्रेगनेंसी में गर्भाशय में रसौली कितने प्रकार की होती हैं?
- इन्ट्राम्युरल फाइब्रॉयड (intramural fibroids)
- सबम्यूकोसल फाइब्रॉयड (submucosal fibroids)
- सबसेरोसल फाइब्रॉयड (subserosal fibroids)
- सर्वाइकल फाइब्रॉयड (cervical fibroids)
- पेडन्क्युलेट फाइब्रॉयड (pedunculated fibroids)
- पेडन्क्युलेट सबसेरोसल : यह गर्भाशय के बहार हो सकता है |
- पेडन्क्युलेट सबम्यूकोसल : यह गर्भाशय के अंदर होता है |
- योनि से रक्तस्राव होना
- पीठ में दर्द होना
- पैरों में दर्द होना
- पेट के निचले हिस्से में ऐंठन या दर्द होना
- पेशाब करते वक्त दर्द होना
- बार-बार पेशाब आना
- कब्ज होना
- रोज़ाना व्यायाम करें, क्यूंकि इससे रसोली बढ़ने की सम्भवना कम हो जाती है |
- आपको एक स्वथ दिनचर्या अपनानी चाहिए ताकि आपकी स्थिति सही रहे और प्रेगनेंसी के दौरान को दिक्कत न हो |
- आपको अपने वज़न को नियंत्रित में रखना होगा, यदि आपका वजन ज़्यादा है तो आपको उसे कम करने के लिए डॉक्टर की सहायता लेनी होगी |
- आपको खाने में मास का सेवन नहीं करना चाहिए और शराब के सेवन भी बिलकुल मत करें |