क्या आईवीएफ के उपचार में इंजेक्शन का रोल होता हैं ? आईवीएफ (IVF) उपचार एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे निसंतान जोड़ो को माता पिता बनने की ख़ुशी प्राप्त होती है...
क्या आईवीएफ के उपचार में इंजेक्शन का रोल होता हैं ?
- आईवीएफ (IVF) उपचार एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे निसंतान जोड़ो को माता पिता बनने की ख़ुशी प्राप्त होती हैं। तभी बहुत से लोग इस ट्रीटमेंट का उपयोग करते हैं।
- तो वही अगर बात करे इंजेक्शन की तो चाहे कोई भी ट्रीटमेंट हो इंजेक्शन का रोल तो सब में महत्वपूर्ण माना जाता हैं।
- तो बात की जाए अगर इसके इंजेक्शन की तो आईवीएफ (IVF) उपचार में पहले रक्त परिक्षण और अल्ट्रा सोनोग्राफी की जाती है।
- इनकी रिपोर्ट के आधार पर ही IVF विशेषज्ञ यह जान पाते है की IVF उपचार में कितना समय और हार्मोनल इंजेक्शन की कितनी डोज़ की आवश्यकता होगी।
- आईवीएफ (IVF) उपचार के हर चरण महत्वपूर्ण होते है, और इन सभी चरणों की सफलता ही IVF की सफलता को निर्धारित करती है।
आईवीएफ ट्रीटमेंट की चरण या प्रक्रिया कौन सी है ?
> ओवेरियन स्टुमिलेशन। > ओवरी से एग निकालना। > स्पर्म लेना। > फर्टिलाइजेशन करना। > गर्भ में भ्रूण स्थानांतरण करना।आईवीएफ उपचार के लिए इंजेक्शन कितने दिन में लगाना है जरूरी ?
इस उपचार में इंजेक्शन लगाने की प्रक्रिया को हम निम्न प्रस्तुत कर रहे हैं..,- आईवीएफ के उपचार में महिलाओं को इंजेक्शन उनके पीरियड्स के दूसरे दिन से देना शुरू किया जाता हैं।
- तो वही इन इंजेक्शनों को लगातार 10 से 12 दिनों तक बारीक सुई के जरिए लगाया जाता है।
- खास बात इस इंजेक्शन की ये हैं कि इससे महिला को किसी भी प्रकार का न तो दर्द होता हैं और न ही इस इंजेक्शन के कोई साइड इफेक्ट्स हैं। इसके कोई विकार न होने की वजह से इसे लगवाना महिलाओ के लिए आसान हो गया हैं।