यदि एक महिला काफी समय से गर्भवती होने की कोशिश कर रही है पर सफलता नहीं पा रही, तो वो बाँझपन की समस्या से ग्रस्त है| परन्तु इसमें चिंता करने वाली कोई बात नह...
यदि एक महिला काफी समय से गर्भवती होने की कोशिश कर रही है पर सफलता नहीं पा रही, तो वो बाँझपन की समस्या से ग्रस्त है| परन्तु इसमें चिंता करने वाली कोई बात नहीं है, क्योंकि नवीन तकनीकों की सहायता से इस समस्या का उपचार किया किया जा सकता है| IVF Centre in Punjab के Fertility Specialist के अनुसार, लैप्रोस्कोपी एक ऐसा तरीका है जिससे गर्भवती होने की संभावनाओं को बढ़ाया जाता है|
लैप्रोस्कोपी आखिर क्या है?
Fertility Clinic in Ludhiana में काम कर रहे डॉक्टरों के अनुसार लप्रोस्कोपिक प्रोसीजर एक ऐसा इनवेसिव प्रक्रिया है जो की बाँझपन की समस्या को दूर करने में बहुत सहाई है| इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए डॉक्टर पेट में दो से तीन छोटे छोटे कट लगाकर लैप्रोस्कोपी का उपयोग करता है| वैसे तो छोटे छोटे कट की सहायता से इस प्रक्रिया को परिपूर्ण किया जा सकता है परन्तु कई बार कुछ जटिलताओं के कारण डॉक्टर को एक बड़ा कट लगाना पद सकता है|
डॉक्टरों को कब लगता है कि लैप्रोस्कोपी प्रोसीजर का उपयोग करना चाहिए?
सबसे पहले यहाँ यह बताना अनिवार्य है कि बांझपन की समस्या को पहले तो नॉन-इनवेसिव तकनीकों की सहायता से दूर किया जाने का प्रयास किया जाता है| लेकिन अगर किसी भी दवाई और नॉन-इनवेसिव तकनीक की सहायता से बांझपन जैसी समस्या को मात नहीं दे हो रही तो उस स्थिति में डॉक्टर लप्रोस्कोपिक प्रक्रिया का उपयोग करेंगे:
- महिला ने एक्टोपिक गर्भावस्था को स्थापित कर लिया है|
- यदि डॉक्टर को संदेह है की महिला निम्नलिखित किसी रोग से ग्रस्त है:
- पेल्विक आसंजन
- पेल्विक इंफ्लेमेटरी रोग
- यदि महिला एंडोमीट्रियोसिस जैसी किसी समस्या से जूझ रही है|
- यदि महिला को सम्भोग के दौरान किसी प्रकारर का दर्द या असुविधा महसूस हो रही है|
- यदि मासिक धर्म बहुत ही ज़्यादा दर्दनाक हो रहे है|
- मासिक धर्म के दौरान किसी प्रकार का ऐंठना महसूस होना|
- यदि महिला PCOS से निदानित हुई है|
- कई बार महिलाएं फ़िब्रोइद्स की समस्या से ग्रस्त होती है, तो उस स्थिति में वे तीव्र दर्द और फॉलोपियन ट्यूब में ब्लॉकेज का आभास कर सकती है|
- क्योंकि कुछ बाँझपन से जुडी समस्याएं ऐसी होती है जिनका निदान केवल लैप्रोस्कोपी की सहायता से ही संभव होता है|
- इस तकनीक की सहायता से यह संभव है की डॉक्टर उदर क्षेत्र के हर एक कोने को देख सकते है|
- यह तकनीक प्रजनन शमता को बढ़ाने के उपचार में बोहत सही है|
- यह तकनीक आपको पेल्विक दर्द और असहजताओं से छुटकारा दिलाने में काफी सहायक है|
- चाहे यह एंडोमेट्रियल डिपाजिट हो या फ़िब्रोइद्स, यह तकनीक सब कुछ ठीक करने, इस तकनीक से आप सब चीज़ों से छुटकारा पा सकते है|