जो जोड़े बच्चा पैदा करने की ख़ुशी से वंचित रह जाते है, वे Fertility Clinic In Ludhiana की सहायता से अपने आँगन में बच्चों की किलकरियाँ गुंजाने की कोशिश करते ह...
जो जोड़े बच्चा पैदा करने की ख़ुशी से वंचित रह जाते है, वे Fertility Clinic In Ludhiana की सहायता से अपने आँगन में बच्चों की किलकरियाँ गुंजाने की कोशिश करते है| कई लोग यह सोचते हैं की IVF Centre In Punjab दम्पतियों को संतान का सुख देने के लिए केवल और केवल IVF का ही सहारा लेते है| परन्तु ऐसा नहीं है| IVF की सहायता लेने से पहले दूसरे Procedures जैसे की IUI को ध्यान में लिया जाता है| यदि IUI किसी दम्पत्ति के गर्भधारण की प्रक्रिया के लिया अनुचित है, उस स्थिति में IVF की सहायता ली जाती है|
अगर IUI प्रक्रिया आपके लिए उचित होते हुए भी सफल नहीं हुई तो उस स्थिति में क्या करना चाहिए?
इस प्रक्रिया का सफलता दर जोड़े की आयु और स्वास्थ्य पर भी बहुत निर्भर करता है| इस प्रक्रिया का सफलता दर ५ से २०% के बीच में रहता है| कई जोड़े एक ही प्रयास में गर्भधारण कर लेते है जबकि अधिकतर दम्पत्तियाँ निराश हो जाती है| परन्तु यहाँ यह प्रश्न उजागर होता है की क्या हमे तब तक IUI करवाते रहना चाहिए जब तक सफलता पप्राप्त न हो?
माना की IUI प्रक्रिया अधिक खर्चीली नहीं है, परन्तु इसे बार बार करवाना भी सही नहीं है| 'कितनी बार प्रयास करना चाहिए?' इसका जवाब बिना Fertility Specialists के परामर्श के बिना ठीक नहीं क्योंकि हर जोड़े की प्रजनन क्षमताएं अलग अलग होती है| परन्तु यहाँ इतना बता देना अनिवार्य है की डॉक्टर भी इस प्रक्रिया को २ या ३ से अधिक बार दोहराने की सलाह कभी नहीं देते| इसका एक कारण यह भी है की जब एक स्त्री गर्भधारण के प्रयासों में निरंतर विफलता का सामना करती है, तो यह न केवल उसकी शारीरिक (अंदरूनी और बाहरी) सेहत पर बुरा असर डालता है, पर उसके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी यह चीज़ सही नहीं है|
IUI में असफलता का सामना करने के क्या कारण हो सकते है?
निम्नलिखित कारणों की वजह से जोड़ों को IVF में असफलता का सामना करना पड़ सकता है:
- किसी बदनाम या अकुशल IVF सेंटर का चयन
- अण्डों की गुणवत्ता अच्छी न होना
- महिला की उम्र का बहुत ज़्यादा होना
- शुक्राणुओं अच्छी क्वालिटी के न पैदा होना
- ओवुलेशन से जुडी कई समस्याएं
- शुक्राणुओं का सही समय पर इंजेक्ट न होना